पीएम आवास योजना ग्रामीण पंजीकरण 2026: PM Awas Yojana Gramin Registration Process

PM Awas Yojana Gramin Registration 2026 की प्रक्रिया जानें। पीएम आवास योजना ग्रामीण में ऑनलाइन/ऑफलाइन पंजीकरण कैसे करें, जरूरी दस्तावेज, पात्रता और आवेदन स्टेटस की पूरी जानकारी यहां पाएं।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के दूसरे चरण यानी PMAY 2.0 (2024-2029) के तहत केंद्र सरकार ने 2 करोड़ नए घरों का लक्ष्य रखा है। ग्रामीण भारत में अपना पक्का घर बनाने का सपना देख रहे करोड़ों परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है। हालांकि, सबसे बड़ी चुनौती पंजीकरण की प्रक्रिया को सही ढंग से समझना है।

अक्सर लोग इंटरनेट पर “PMAY-G ऑनलाइन आवेदन” खोजते हैं और भ्रामक जानकारियों का शिकार हो जाते हैं। इस लेख में हम PM Awas Yojana Gramin Registration Process 2026 की वह गहरी और तकनीकी सच्चाई जानेंगे जो आपको पक्का घर दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।

पंजीकरण का वास्तविक स्वरूप: क्या यह ऑनलाइन है?

सबसे पहले एक तकनीकी सत्य को समझना आवश्यक है: ग्रामीण आवास योजना (PMAY-G) के लिए कोई भी नागरिक स्वयं पंजीकरण नहीं कर सकता। शहरी योजना (PMAY-U) के विपरीत, जहाँ व्यक्ति पोर्टल पर स्वयं डेटा भर सकता है, ग्रामीण योजना पूरी तरह से ‘सरकारी सर्वे’ (Top-to-Bottom approach) पर आधारित है।

पंजीकरण की प्रक्रिया ‘Awaassoft’ नामक एक सुरक्षित और बंद पोर्टल पर होती है। इसका पासवर्ड केवल अधिकृत सरकारी कर्मचारियों जैसे ग्राम पंचायत सचिव, आवास सहायक या खंड विकास अधिकारी (BDO) के पास होता है। इसलिए, किसी भी प्राइवेट साइट पर अपना आधार या ओटीपी साझा न करें। पंजीकरण की शुरुआत केवल आपके घर के धरातल पर होने वाले सर्वे से ही होती है।

आवास प्लस 2024 (Awas Plus 2.0) सर्वे: नाम जुड़ने का मुख्य द्वार

सरकार ने उन परिवारों को चिह्नित करने के लिए ‘आवास प्लस’ (Awas+) सर्वे को दोबारा सक्रिय किया है जो SECC-2011 (2011 की जनगणना) के पुराने डेटा में शामिल नहीं हो पाए थे।

सर्वे की बारीकियां:

जब सर्वे टीम (जिसमें आमतौर पर ग्राम सचिव और आवास सहायक होते हैं) आपके घर आती है, तो वे निम्नलिखित 5 मुख्य बिंदुओं पर डेटा संकलित करते हैं:

  1. मकान की वर्तमान स्थिति: दीवारों का प्रकार (मिट्टी/घास-फूस) और छत का प्रकार।
  2. परिवार का विवरण: मुखिया का नाम, आयु, लिंग और परिवार के कुल सदस्यों की संख्या।
  3. आर्थिक स्थिति: क्या परिवार के पास कृषि भूमि है? क्या कोई सदस्य ₹15,000 प्रति माह से अधिक कमाता है?
  4. जियो-टैगिंग (Geotagging): यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है। अधिकारी आपके कच्चे घर के सामने खड़े होकर आपकी फोटो लेता है। इस फोटो में GPS Coordinates (अक्षांश और देशांतर) छिपे होते हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि घर वास्तव में उसी गांव और उसी स्थान पर है।
  5. स्वचालित गणना (Auto-scoring): ऐप में डेटा भरते ही एक स्कोरिंग होती है, जो तय करती है कि आपको प्राथमिकता सूची में ऊपर रखा जाएगा या नीचे।

अपात्रता की 13 कठिन शर्तें

पंजीकरण के समय अधिकारी यह सुनिश्चित करता है कि आप निम्नलिखित 13 स्थितियों में से किसी एक में तो नहीं आते। यदि आप इनमें से किसी भी श्रेणी में हैं, तो आपका नाम पंजीकरण सूची से तुरंत हटा दिया जाएगा:

  1. वाहन: परिवार के पास कोई भी चार पहिया वाहन (जैसे कार, जीप, वैन) होना।
  2. कृषि उपकरण: मशीनीकृत 3 या 4 पहिया वाले कृषि उपकरण (जैसे ट्रैक्टर या हार्वेस्टर) होना।
  3. मछली पकड़ने वाली नाव: यदि वह मशीनीकृत (Motorized) है।
  4. KCC लिमिट: किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की ऋण सीमा ₹50,000 या उससे अधिक होना।
  5. सरकारी नौकरी: परिवार का कोई भी सदस्य नियमित या संविदात्मक सरकारी कर्मचारी हो।
  6. आयकर: परिवार का कोई सदस्य इनकम टैक्स (Income Tax) भरता हो।
  7. पेशेवर कर: परिवार का कोई सदस्य प्रोफेशनल टैक्स भरता हो।
  8. आय सीमा: परिवार की कुल मासिक आय ₹15,000 से अधिक होना।
  9. रेफ्रिजरेटर: घर में फ्रिज (Refrigerator) होना।
  10. लैंडलाइन: घर में लैंडलाइन टेलीफोन कनेक्शन होना।
  11. सिंचित भूमि: 2.5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि के साथ कम से कम एक सिंचाई उपकरण होना।
  12. कुल भूमि: 5 एकड़ या उससे अधिक सिंचित भूमि होना।
  13. संपत्ति: भारत के किसी भी हिस्से में परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर पक्का मकान होना।

PM Awas Yojana Gramin Registration Process: पंजीकरण के 5 मुख्य चरण

पंजीकरण की प्रक्रिया एक लंबी यात्रा है, जो इन चरणों से होकर गुजरती है:

चरण 1: डेटा संकलन और अपलोडिंग

पंचायत सचिव घर-घर जाकर सर्वे करता है और डेटा को आवास प्लस ऐप के माध्यम से सर्वर पर अपलोड करता है।

चरण 2: ग्राम सभा का सोशल ऑडिट (Social Audit)

अपलोड किए गए डेटा के बाद एक ‘Draft List’ (प्रारंभिक सूची) तैयार की जाती है। इस सूची को गांव की ग्राम सभा की खुली बैठक में पढ़ा जाता है। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि अपात्र लोग (जो अमीर हैं लेकिन नाम लिखवा लिया है) बाहर हो सकें।

चरण 3: ब्लॉक स्तरीय सत्यापन (Block Verification)

ग्राम सभा की मंजूरी के बाद डेटा ब्लॉक ऑफिस जाता है। यहाँ BDO (खंड विकास अधिकारी) रैंडम आधार पर 10% घरों का दोबारा भौतिक निरीक्षण करता है।

चरण 4: संक्शन ऑर्डर (Sanction Order) का सृजन

एक बार डेटा फाइनल होने के बाद, जिला स्तर से ‘मंजूरी पत्र’ (Sanction Order) जारी किया जाता है। यहाँ लाभार्थी को एक ‘यूनिक आईडी’ मिलती है, जिससे वह अपना स्टेटस ट्रैक कर सकता है।

चरण 5: FTO (Fund Transfer Order) और प्रथम किस्त

मंजूरी के 15 दिनों के भीतर, केंद्र सरकार द्वारा प्रथम किस्त के लिए FTO जारी किया जाता है और पैसा सीधे आपके आधार लिंक बैंक खाते में पहुँच जाता है।

पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेजों का गहन विवरण

अधूरे दस्तावेजों के कारण अक्सर रजिस्ट्रेशन रिजेक्ट हो जाते हैं। सुनिश्चित करें कि आपके पास ये दस्तावेज सही स्थिति में हैं:

  • आधार कार्ड (Aadhaar Card): परिवार के सभी सदस्यों का। आधार में नाम की स्पेलिंग और जन्मतिथि बैंक रिकॉर्ड से मिलनी चाहिए।
  • मनरेगा जॉब कार्ड (MGNREGA Job Card): यह सबसे अनिवार्य दस्तावेज है। PMAY-G के लाभार्थी को घर बनाने के लिए 95 दिनों की अकुशल मजदूरी (लगभग ₹24,000 अतिरिक्त) इसी कार्ड के जरिए मिलती है। यदि आपके पास जॉब कार्ड नहीं है, तो तुरंत ग्राम रोजगार सहायक से मिलें।
  • बैंक पासबुक: ऐसा खाता जो सक्रिय (Active) हो और जिसमें आधार NPCI Mapping के जरिए लिंक हो।
  • मोबाइल नंबर: जो आधार से लिंक हो, ताकि OTP और भुगतान की सूचना मिल सके।
  • स्वच्छ भारत मिशन (SBM) आईडी: यदि आपको शौचालय के ₹12,000 भी चाहिए, तो यह आईडी पोर्टल पर लिंक होना आवश्यक है।

जियो-टैगिंग के तकनीकी चरण (Geotagging Stages)

पंजीकरण केवल पहले सर्वे पर खत्म नहीं होता। घर के निर्माण के दौरान कुल 4 बार जियो-टैगिंग की जाती है:

  1. लेवल 0 (पुराना घर): पंजीकरण के समय आपके पुराने कच्चे मकान की फोटो।
  2. लेवल 1 (नींव स्तर): जब आप पहली किस्त लेकर नींव (Plinth Level) खोद लेते हैं।
  3. लेवल 2 (लेंटर स्तर): जब दीवारें खड़ी हो जाती हैं और छत पड़ने वाली होती है। इसके बाद दूसरी बड़ी किस्त आती है।
  4. लेवल 3 (पूर्णता): जब घर बनकर तैयार हो जाता है और उस पर PMAY-G का लोगो लग जाता है। इसके बाद अंतिम किस्त जारी होती है।

PM Awas Yojana Gramin Registration Reject होने के कारण और समाधान

यदि आपका नाम लिस्ट में नहीं आया है, तो इसके पीछे ये कारण हो सकते हैं:

  • PFMS (Public Financial Management System) Rejection: आपका बैंक खाता आधार से लिंक नहीं है या बैंक कोड गलत है। (समाधान: बैंक जाकर ई-केवाईसी कराएं)।
  • Duplicate Data: यदि आपके परिवार के किसी सदस्य ने पहले किसी आवास योजना का लाभ लिया है।
  • Incomplete Geotagging: यदि सर्वे के दौरान फोटो साफ नहीं आई या लोकेशन सर्वर से मैच नहीं हुई। (समाधान: सचिव से दोबारा सर्वे का अनुरोध करें)।

PMAY-G और मनरेगा (MGNREGA) कन्वर्जेंस: कितना अतिरिक्त लाभ मिलता है?

PMAY-G का पंजीकरण केवल मकान की राशि (₹1.20 लाख) तक सीमित नहीं है। इसमें मनरेगा का एक बड़ा हिस्सा शामिल है:

  • मजदूरी: लाभार्थी को अपने ही घर के निर्माण में मजदूरी करने के लिए 95 दिनों के पैसे मिलते हैं।
  • दर: हर राज्य में मनरेगा की दर अलग होती है (जैसे ₹230 से ₹300 के बीच)। इस हिसाब से लाभार्थी को लगभग ₹22,000 से ₹28,000 की अतिरिक्त राशि मिलती है।
  • शौचालय: स्वच्छ भारत मिशन के तहत ₹12,000 अतिरिक्त दिए जाते हैं।
  • कुल लाभ: कुल मिलाकर एक लाभार्थी को लगभग ₹1.55 लाख से ₹1.65 लाख तक का लाभ मिलता है।

निष्कर्ष: PM Awas Yojana Gramin Registration Process 2026 और आपका पक्का घर

PM Awas Yojana Gramin Registration Process 2026 एक ऐसी पारदर्शी प्रक्रिया है जो धरातल से शुरू होकर अंतरिक्ष (सैटेलाइट जियो-टैगिंग) तक जाती है। इसमें किसी भी बिचौलिए की जगह नहीं है। यदि आप पात्र हैं, तो अपने ग्राम पंचायत सचिव के संपर्क में रहें और सुनिश्चित करें कि आपका ‘आवास प्लस’ सर्वे आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड हो गया है। सरकार का संकल्प “Housing for All” तभी सफल होगा जब आप जागरूक होकर अपने अधिकारों का उपयोग करेंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण में रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) में सीधा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं होता। लाभार्थियों का चयन Awas Plus Survey के माध्यम से किया जाता है, जो ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर किया जाता है। पात्र व्यक्ति को अपने ग्राम पंचायत सचिव, आवास सहायक या CSC केंद्र से संपर्क करना चाहिए ताकि सर्वे में उसका नाम शामिल किया जा सके।

प्रधानमंत्री आवास योजना के फॉर्म कब तक भरे जाएंगे 2026 में?

प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (2024–2029) के तहत ग्रामीण (PMAY-G) और शहरी (PMAY-U) दोनों योजनाएँ शामिल हैं, लेकिन दोनों की आवेदन प्रक्रिया अलग-अलग है। ग्रामीण योजना (PMAY-G) में कोई तय अंतिम तारीख नहीं होती, क्योंकि लाभार्थियों का चयन Awas Plus Survey के माध्यम से किया जाता है। वहीं शहरी योजना (PMAY-U) में आवेदन राज्य या नगर निकाय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार स्वीकार किए जाते हैं।

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण ऑनलाइन आवेदन कितने रुपए आते हैं?

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) में ऑनलाइन आवेदन की कोई प्रक्रिया ही नहीं है, इसलिए कोई ऑनलाइन आवेदन फीस भी नहीं लगती।ग्रामीण आवास योजना में लाभार्थियों का चयन Awas Plus Survey के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों द्वारा घर-घर सर्वे के जरिए किया जाता है।

पीएम आवास ग्रामीण सर्वे के लिए कितने परिवारों का वेरिफिकेशन होगा?

पीएम आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) के तहत किसी तय संख्या में परिवारों का सर्वे या वेरिफिकेशन नहीं होता। सरकार का लक्ष्य है कि हर उस ग्रामीण परिवार का सत्यापन किया जाए जो पात्र है और जिसके पास पक्का मकान नहीं है।